हमारे बारे में
भारत में इतने सारे कंप्यूटर इन्स्टिट्यूट और उनसे निकलने वाले लाखों चात्रो के होने के बावजूद, ऐसा क्यों है की कमपनियों को ऐसे लोग ढूंदना कठिन हो जाता है जो वैसे काम कर सके जैसे कंपनी चाहती है? समाज के हर स्तर पर इतनी गुणवत्ता होने के बावजूद ऐसा क्यों है की कुछ ही लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल पता है? इन्ही सवालों का उत्तर है पर्पल आइरिस ट्रेनिंग अकॅडमी का शुरू किया जाना|
विद्यार्थियों को ऐसा प्रशिक्षण चाहिएँ जो उन्हे नौकरी में काम आने वाली व्यावहारिक शिक्षा दें, ऐसा प्रशिक्षण जिसकी वो कीमत चुकाने मे समर्थ हो| कमपनियों को ऐसे लोग चाहिये जो उनकी आवश्यकता के अनुसार काम करना जानते हो| पर्पल आइरिस इन दोनों के बीच एक माध्यम है जो एक तरफ विद्यार्थियों को नौकरी के लिए त्यार करता है और दूसरी तरफ कमपनियों को अच्छे निपुण लोग मोहिया करता हैं| हमारे यह प्रयास रहता है और इस चीज़ पर विशेष ध्यान दिया जाता है कि जितना ज़्यादा हो सके उतना असल परियोजना के आधार पर शिक्षा दी जाए ना की केवल सिधान्तिक आधार पर|
